141+ Best Desh Bhakti Shayari in Hindi | देशभक्ति पर शायरी 2026

Hello friends – in today’s article, we have brought a collection of the Best Desh Bhakti Shayari in Hindi. Those who are patriotic are always ready to do anything for their country and nation. Patriotism is a flame that burns in a person’s heart, which strengthens the desire to love one’s country and homeland more than anything else. The feeling of patriotism connects all the people of the nation, no matter which city or state they belong to.

Patriotism does not just mean claiming to be patriotic, but true patriotism is the feeling in our hearts to honor and be loyal to our country, setting aside all its shortcomings, and to be ready to make the greatest sacrifices and contributions to our motherland in times of adversity.

Here, we have brought you the best shayari on patriotism in both Hindi and English. You can share these Motivational Desh Bhakti Shayari, Army Desh Bhakti Shayari, Desh Bhakti Shayari on 26 January with your friends through your social media.

Best Desh Bhakti Shayari in Hindi

Best Desh Bhakti Shayari in Hindi

देशभक्ति की राह आसान नहीं,
कई दफे ख़ून बहाना पड़ता है,
लेकिन अपने वीर जवानों की हिम्मत देखो,
वो हर मुश्किल में आगे बढ़ता है

किसी गजरे की खुशबु को महकता छोड़ आया हूँ,
मेरी नन्ही सी चिड़िया को चहकता छोड़ आया हूँ,
मुझे छाती से अपनी तू लगा लेना ऐ भारत माँ,
मैं अपनी माँ की बाहों को तरसता छोड़ आया हूँ।

खुशनसीब हैं वो जो वतन पर मिट जाते हैं,
मरकर भी वो लोग अमर हो जाते हैं,
करता हूँ उन्हें सलाम ए वतन पे मिटने वालों,
तुम्हारी हर साँस में तिरंगे का नसीब बसता है

मिट्टी की खुशबू में वो सुकून है,
जिससे हर दिल हिंदुस्तानी मजबूर है

Desh bhakti shayari in hindi 4 line

इश्क तो करता है हर कोई
महबूब पे तो मरता है हर कोई
कभी वतन को महबूब बना के देखो
तुझ पे मरेगा हर कोई

जो अब तक ना खौला वो खून नही पानी हैं,
जो देश के काम ना आये वो बेकार जवानी हैं

आजादी की कभी शाम नहीं होने देंगे
शहीदों की कुर्बानी बदनाम नहीं होने देंगे
बची हो जो एक बूंद भी लहू की
तब तक भारत माता का आँचल नीलाम नहीं होने देंगे

तन की मोहब्बत में, खुद को तपाये बैठे हैं,
मरेंगे वतन के लिए, शर्त मौत से लगाये बैठे हैं

अनेकता में एकता ही इस देश की शान है,
इसीलिए मेरा भारत महान है

Desh Bhakti Shayari 2 line

मिलते नहीं जो हक, वो लिए जाते हैं,
है आज़ाद हम पर गुलाम किये जाते हैं,
उन सिपाहियों को रात-दिन नमन करो,
मौत के साए में जो जिए जाते हैं।

जो अब तक ना खौला, वो खून नहीं पानी है,
जो देश के काम ना आये, वो बेकार जवानी है

करीब मुल्क के आओ तो कोई बात बने,
बुझी मशाल को जलाओ तो कोई बात बने,
सूख गया है जो लहू शहीदों का,
उसमें अपना लहू मिलाओ तो कोई बात बने

देशभक्तों से ही देश की शान है
देशभक्तों से ही देश का मान है
हम उस देश के फूल हैं यारों
जिस देश का नाम हिंदुस्तान है

सरफ़रोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है,
देखना है जोर कितना बाज़ु-ए-कातिल में है,
वतन की खातिर जान भी दे देंगे,
शहीदों के नक्श-ए-कदम पे चलने में है

Desh bhakti shayari in hindi copy paste

उनके हौंसले का मुकाबला ही नहीं है कोई
जिनकी कुर्बानी का कर्ज हम पर उधार है
आज हम इसीलिए खुशहाल हैं क्यूंकि
सीमा पे जवान बलिदान को तैयार है

जिंदगी जब तुझको समझा, मौत फिर क्या चीज़ है,
ऐ वतन तू ही बता, तुझसे बड़ी क्या चीज़ है

मेरे देश तुझको नमन है मेरा,
जीऊं तो जुबां पर नाम हो तेरा
मरूं तो तिरंगा कफन हो मेरा

ना सरकार मेरी है ना रौब मेरा है
ना बड़ा सा नाम मेरा है,
मुझे तो एक छोटी सी बात का गौरव है
मै हिन्दुस्तान का हूँ और हिन्दुस्तान मेरा है

सारे जहाँ से अच्छा हिंदुस्तान हमारा
हम बुलबुलें हैं उसकी वो गुलसिताँ हमारा।
परबत वो सबसे ऊँचा
हम साया आसमाँ का
वो संतरी हमारा वो पासबाँ हमारा

Desh Bhakti Shayari 2026

इन रंगों में बलिदानों का रंग तुम्हे मिल जायेगा,
ओढ़ तिरंगा निकलोगे तो अहसास तुम्हे हो जाएगा

जब आँख खुले तो धरती हिन्दुस्तान की हो:*
जब आँख बंद हो तो यादेँ हिन्दुस्तान की हो:
हम मर भी जाए तो कोई गम नही लेकिन;
*मरते वक्त मिट्टी हिन्दुस्तान की हो

देश के लिए मर मिटना कुबूल है हमें,
अखंड भारत के सपने का जूनून है हमें

शहीदों की चिताओं पर लगेंगे हर बरस मेले,
वतन पे मर मिटनेवालों का बाकी यही निशां होगा

लहराएगा तिरंगा अब सारे आसमान पर
भारत का ही नाम होगा सबकी जुबान पर
ले लेंगे उसकी जान या खेलेंगे अपनी जान पर
कोई जो उठाएगा आँख हिंदुस्तान पर

Motivational Desh bhakti shayari

देश की हिफाजत मरते दम तक करेंगे
दुश्मन की हर गोली का हम सामना करेंगे
आजाद हैं और आजाद ही रहेंगें

ऐ मेरे वतन के लोगों,
ज़रा आँख में भर लो पानी,
जो शहीद हुए हैं उनकी,
ज़रा याद करो कुरबानी

ऐ मेरे वतन के लोगों तुम खूब लगा लो नारा
ये शुभ दिन है हम सब का लहरा लो तिरंगा प्यारा
पर मत भूलो सीमा पर वीरों ने है प्राण गँवाए
कुछ याद उन्हें भी कर लो जो लौट के घर न आये

सरफ़रोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है,
देखना है ज़ोर कितना बाज़ू-ए-कातिल में है

दे सलामी इस तिरंगे को
जिस से तेरी शान हैं,
सर हमेशा ऊँचा रखना इसका
जब तक दिल में जान हैं।

Heart Touching Desh Bhakti Shayari

एक नूर सा आज मेरे देश पे बरसता है,
जिसे देख आसमां भी तरसता है,
सूरज भी इस बात से हैरां है कि आज,
भारत मेरे जैसा कैसे चमकता है

अपनी आजादी को हम हरगिज मिटा सकते नही,
सर कटा सकते हैं लेकिन सर झुका सकते नही

कर जज्बे को बुलंद जवान, तेरे पीछे खड़ी आवाम !
हर दुश्मन को मार गिराएंगे, जो हमसे देश बँटवाएंगे

आतंकवादियों को माफ करना,
ईश्वर का काम है,
लेकिन उनकी ईश्वर से मुलाकात
करवाना हमारा काम है

लिख रहा हूं मैं अजांम जिसका कल आगाज आयेगा,
मेरे लहू का हर एक कतरा इकंलाब लाऐगा
मैं रहूँ या ना रहूँ पर ये वादा है तुमसे मेरा कि,
मेरे बाद वतन पर मरने वालों का सैलाब आयेगा

आजादी की कभी शाम नही होने देंगे
शहीदों की कुर्बानी बदनाम नही होने देंगे,
बची हो जो इक बूँद भी गर्म लहू की
तब तक भारत के आंचल नीलाम नही होने देंगे

Attitude Desh Bhakti Shayari in Hindi

मैं भारतवर्ष का हरदम अमिट सम्मान करता हूँ
यहाँ की चांदनी मिट्टी का ही गुणगान करता हूँ,
मुझे चिंता नहीं है स्वर्ग जाकर मोक्ष पाने की,
तिरंगा हो कफ़न मेरा, बस यही अरमान रखता हूँ।

वतन की मोहब्बत में खुद को तपायेंगे,
जहां जरूरत होगी अपनी जान लुटायेंगे।

सरफरोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है
देखना हैं जोर कितन बाजू-ए-कातिल में है,
वक्त आने दे बता देंगे तुझे ए आसमां,
हम अभी से क्या बताएं क्या हमारे दिल में है

देशभक्ति है हमारे रगों में,
वीरता है हमारे कदमों में,
जहाँ भी जाएं, तिरंगा साथ है,
भारत माता की जयकार है हर दम

इस वतन के रखवाले हैं हम
शेर ए जिगर वाले हैं हम
मौत से हम नहीं डरते
मौत को बाँहों में पाले हैं हम
वन्दे मातरम

Desh Bhakti Shayari 26 January

लहराएगा तिरंगा अब सारे आसमान पर
भारत का ही नाम होगा सबकी जुबान पर,
ले लेंगे उसकी जान या खेलेंगे अपनी जान पर
कोई जो उठाएगा आँख हिंदुस्तान पर

लहराता तिरंगा यूं ही आसमान में,
जब तक है जान मेरे इस बदन में

मुझे ना तन चाहिए, ना धन चाहिए
बस अमन से भरा यह वतन चाहिए
जब तक जिन्दा रहूं, इस मातृ-भूमि के लिए
और जब मरुँ तो तिरंगा कफ़न चाहिये

अगर माटी के पुतले देह में ईमान जिन्दा है,
तभी इस देश की समृद्धि का अरमान जिन्दा है

Army Desh Bhakti Shayari

जो देश के लिए शहीद हुए
उनको मेरा सलाम है
अपने खूं से जिस जमीं को सींचा
उन बहादुरों को सलाम है

लिख रहा हूँ मैं अंजाम, जिसका कल आगाज आएगा,
मेरे लहू का हर एक कतरा इंकलाब लाएगा

भरा नही जो भावों से बहती जिसमें रसधार नही,
हृदय नही वह पत्थर हैं, जिसमें स्वदेश का प्यार नहीं

खींच दो अपने ख़ूँ से जमीं पर लकीर
इस तरफ आने पाये ना रावण कोई
तोड़ दो अगर कोई हाथ उठने लगे
छू ना पाये सीता का दामन कोई
राम भी तुम तुम्हीं लक्ष्मण साथियो
अब तुम्हारे हवाले वतन साथियो

हमारी रक्षा के लिए सीमा पर खड़े हैं ये ढाल बनकर,
ये रण में ऐसे लड़ते हैं जैसे दुश्मनों का काल बनकर

Patriotic Shayari in Hindi

तिरंगे की आन का भी नशा है,
तो कुछ मातृभूमि के प्रेम का नशा है।

बस ये बात हवाओं को बताये रखना,
रौशनी होगी चिरागों को जलाये रखना,
लहू देकर जिसकी हिफाज़त की शहीदों ने,
उस तिरंगे को सदा दिल में बसाये रखना

अपनी आज़ादी को हम हरगिज़ मिटा सकते नहीं
सर कटा सकते हैं लेकिन सर झुका सकते नहीं

तिरंगा है आन मेरी
तिरंगा ही है शान मेरी
तिरंगा रहे सदा ऊँचा हमारा
तिरंगे से है धरती महान मेरी

वो वीर थे जो फौलाद बन गए,
तिरंगा लिपट कर सदा अमर हो गए

खून से खेलेंगे होली,
अगर वतन मुश्किल में है
सरफ़रोशी की तमन्ना
अब हमारे दिल में है

15th August Desh bhakti shayari

देश की रक्षा के लिए जो खड़े हैं हम,
शहीदों की खातिर ही बना है ये दम,
उनकी हिफाज़त में हर पल हम,
वतन की खातिर कर रहे हैं काम

जिसे सींचा लहू से है वो यूँ खो नहीं सकती
सियासत चाह कर विष बीज हरगिज बो नहीं सकती,
वतन के नाम पर जीना वतन के नाम मर जाना
शहादत से बड़ी कोई इबादत हो नहीं सकती

फना होने की इज़ाजत ली नहीं जाती,
ये वतन की मोहब्बत है जनाब.
पूछ के की नहीं जाती

अधिकार मिलते नहीं लिए जाते हैं
आजाद हैं मगर गुलामी किये जाते हैं
वंदन करो उन सेनानियों को
जो मौत के आँचल में जिए जाते हैं

इतनी सी बात हवाओं को बताये रखना
रौशनी होगी चिरागों को जलाये रखना
लहू देकर की है जिसकी हिफाजत हमने
ऐसे तिरंगे को हमेशा दिल में बसाये रखना

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2 Line Sad Shayari in Hindi

Shayari On Desh Bhakti In English

Lahrata tiranga yun hi aasman mein,
Jab tak hai jaan mere is badan mein

Jhukne na denge tere swabhimaan ko
Chahe daav par lagani pade jaan ko
Hum mit gaye to kuch gham nahi
Mitne na denge teri pehchaan ko

Jo desh ke liye shaheed hue
Unko mera salaam hai
Apne khoon se jis zameen ko seencha
Un bahaaduron ko salaam hai

Ek Noor Sa Aaj Mere Desh Pe Barasta Hai,
Jise Dekh Kar Aasmaan Bhi Tarasta Hai,
Sooraj Bhi Iss Baat Se Hairaan Hai Ki Aaj,
Bharat Mere Jaisa Kaise Chamakta Hai

Chalo phir se aaj vo nzaara yaad kar le,
Shahidon ke dil me thi jo jwaala yaad kar le
Jisme bahkar aazaadi pahunchi thi kinaare pe,
Deshbhakton ke khoon ki vo dhaara yaad kar le

Balidaanon ki jwaala jalaaye rakhna
Lahraata tiranga yun hi uthaye rakhna
Jaan jaaye to jaaye, gham nahi
Desh par kurbaniyon ka maatam na kar,
Maut ke baad bhi khud ko muskuraye rakhna

Desh bhakti Quotes In English

Jo seene mein jali hai, bujhne wali nahi hai,
Aag dushmanon ke liye hai, rukne wali nahi hai
Jaan bhi kurbaan kar denge is vatan ke liye,
Shaan ab vatan ki, ab jhukne wali nahi hai

Agar Maati Ke Putle Deh Mein Emaan Jinda Hai,
Tabhi Is Desh Ki Samriddhi Ka Armaan Jinda Hai

Milte nahi jo haq, wo liye jate hain
Hai aazad hum par gulam kiye jate hain
Un sipahiyon ko raat-din naman karo
Maut ke saaye mein jo jeeye jate hain

Aan desh ki, shaan desh ki, desh ki hum santaan hain
Teen rangon se ranga tiranga, apni yehi pehchaan hai

Mitti ki sondhi khushboo mein watan ki yaadein basti hain,
Dil mein deshbhakti ki aag sada hi jalti hai

Mar mitenge hum apne vatan ke liye
Jaan kurban hai pyaare chaman ke liye
Humse hamari ab hasrat na poocho
Baandh rakha sar pe tiranga kafan ke liye

Deshbhakti ki raah aasan nahi,
Kai dafe khoon bahaana padta hai,
Lekin apne veer jawano ki himmat dekho,
Wo har mushkil mein aage badhta hai

Main mulk ki hifaazat karunga, ye mulk meri jaan hai,
Iski raksha ke liye mera dil aur jaan kurbaan hai

Jhukne na dena kabhi iske maan ko,
Na mitne dena kabhi iski shaan ko
Chahe kurbaan karni pade jaan ko,
Apne seene se isko lagaaye rakhna,
Ye tiranga yun hi uthaye rakhna

Apni aazadi ko hum hargiz mita sakte nahi
Sar kata sakte hain lekin sar jhuka sakte nahi

Azaadi ki kabhi shaam nahin hone denge,
Shahidon ki kurbani badnaam nahin hone denge
Bachi ho jo ek boond bhi lahu ki,
Tab tak Bharat Mata ka aanchal nilaam nahin hone denge

Wo shama jo kaam aaye anjuman ke liye,
Wo jazba jo kurbaan ho jaye watan ke liye

Desh ki raksha ke liye jo khade hain hum
Shaheedon ki khaatir hi bana hai ye dum
Unki hifazat mein har pal hum
Watan ki khaatir kar rahe hain kaam

Jo phool tha kabhi ab angara ho gaya
Ye dushman tere khaatir garm lahoo hamara ho gaya hai

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